Correct Answer:
Option C - ‘‘दुलहिन अंगिया काहे न धोवाई’’ पंक्ति में कबीर का ‘अंगिया’ से तात्पर्य शरीर है। कबीर निर्गुण काव्य धारा के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। डॉ. बच्चन सिंह ने लिखा है- ‘‘हिन्दी भक्ति काव्य का प्रथम क्रान्तिकारी पुरस्कर्ता कबीर हैं’’ कबीर की भाषा के सम्बन्ध में विद्वानों ने निम्नलिखित मत प्रस्तुत किये हैं -
विद्वान - कबीर की भाषा
श्याम सुन्दरदास - सधुक्कड़ी
हजारी प्रसाद द्विवेदी - भाषा का डिक्टेटर
बच्चन सिंह - संत भाषा
C. ‘‘दुलहिन अंगिया काहे न धोवाई’’ पंक्ति में कबीर का ‘अंगिया’ से तात्पर्य शरीर है। कबीर निर्गुण काव्य धारा के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। डॉ. बच्चन सिंह ने लिखा है- ‘‘हिन्दी भक्ति काव्य का प्रथम क्रान्तिकारी पुरस्कर्ता कबीर हैं’’ कबीर की भाषा के सम्बन्ध में विद्वानों ने निम्नलिखित मत प्रस्तुत किये हैं -
विद्वान - कबीर की भाषा
श्याम सुन्दरदास - सधुक्कड़ी
हजारी प्रसाद द्विवेदी - भाषा का डिक्टेटर
बच्चन सिंह - संत भाषा