केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'गरीब कल्याण खाद्यान्न कार्यक्रम' को कितने वर्षो के लिए बढ़ा दिया है?
installed at the United Nations Headquarters? संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्थापित महात्मा गाँधी की प्रतिमा का निर्माण किसने किया था?
Which of the following thermodynamic process of constant volume is called?
तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये। झुके कूल सों जल परसन हित मनहुं सुहाये। इस कविता की दूसरी पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
यदि 280 का k%, 350 के 50% के बराबर है, तो K का मान ज्ञात कीजिए।
If the marks obtained by 15 students out of maximum 25 in an examination are 13, 11, 16, 15, 18, 12, 13 ,14, 10, 22, 15, 21, 20, 17 and 24 then final the product of the mode of the number of students.
गैस कटिंग करते समय नोजल को
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र. स. 121-128) के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। एक दूसरा संकट ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और अचानक टूटने से खतरनाक बाढ़ और जलप्लावन का संकट है। पर्यावरण के इस संकट को लेकर देश के लोगों और सरकारों की चेतना का जो स्तर है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। खेत खत्म हो रहे हैं, पेड़ काटे जा रहे है और जंगलों को लेकर सिर्फ आंकड़ों पर जोर है। उदारीकरण के बाद लोगों के रहन-सहन और जरूरतों में आया बदलाव अब मुसीबत बनने वाला है। हम में से हर की जिंदगी में गैर जरूरी सुविधाओं का भोग लगातार बढ़ा है। चालीस पार की उम्र वाले आसानी से अपने बचपन के दिनों को याद करके समझ सके है कि संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल उनकी जिंदगी में किस कदर बढ़ चुका है। इसका असर मौसम, खेतों और फसलों पर पड़ रहा है। मार्च में खिलने वाले फूल अब फरवरी में नजर आते हैं। फरवरी में भयानक गरमी पड़ती है और गेहूँ सूखने लगता है और जब तक फसल तैयार होती है अचानक बेमौसम की बारिश उसे तबाह कर देती है। आम के बागवान शुरूआती बौरों को देखकर खुश तो होते हैं पर अचानक मार्च का आंधी-तूफान उनकी सारी खुशियों को निगल जाता है। पर्यावरण वैश्विक समस्या है पर उसका हल हमारी जरूरतों को कम करने में छिपा है। ‘बचपन’ शब्द है _______।
निर्देश:- अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत । एकस्मिन् वने चत्वार: वृषभा: निवसन्ति स्म। ते चत्वार: सर्वदा सम्मिल्य भ्रमणं खादनं च कुर्वन्ति स्म । सुखदु:खयो: अपि ते कदापि एकाकी विचरणं न कुर्वन्ति स्म । अस्मात् कारणात् अन्ये पशव: तेषु आक्रमणं कर्तुं समर्था: न भूता: । यतो हि ते मिलित्वा तं पशुं परास्तं कृत्वा धावयन्ति स्म । अत: सम्पूर्णे वने तासां प्रभाव: आसीत् अनेन कारणेन सिंह: व्याघ्र: इत्यादय: औदासीन्यं प्रकटयन्ति स्म यतो हि ते तासां पुष्टं मांसं खादितुं समर्था: न आसन् । वने ये चाटुकारा: शृगाला: लोमशा: आसन् ते अपि लालायिता: परन्तु किञ्चित् अपि कर्तुं समर्था: न आसन् । भीकू : नाम्न: एक: लोमश: बहुदिनात् लालायित: । लोमश: अवशिष्टं मांसं बहुदिनपर्यन्तं अति औत्सुक्येन खादितवान् । स: समये समये सिंहं उद्दीपयितुं प्रयासं करोति स्म। परन्तु तेषां चतुर्णाम् वृषभानां समक्षे सिंह अपि सामर्थ्यहीन: आसीत्। अत: सिंह अपि साहस: न कृतवान् । एकदा भीकू : लोमश: स्वबुद्धिचातुर्येण अथक् प्रयासं कृत्वा तेषु वृषभेषु मध्ये मतभेदं स्थापितवान् । इदानीं ते वृषभा: परस्परं विरोधिन: अभवन् । अत: पृथक् पृथक् भूत्वा एकाकिन: चरन्ति भ्रमन्ति स्म । परन्तु लोमश: स्वयमेव एकस्मिन् अपि वृषभे आक्रमणं कर्तुं समर्थ: न आसीत् । अत: स: सिंहं सूचयति यत् चत्वार: वृषभा: इदानीं परस्परं वैरिण: अभवन् । ते एकाकी एव भ्रमन्ति चरन्ति विचरन्ति स्म । इमं अवसरं प्राप्त्वा सिंह: एकं एकं कृत्वा चतुर: बलवान् वृषभान् मारयित्वा तेषां पुष्टस्वादिष्ट मांसस्य आस्वादनं कृतवान् । लोमश: अपि अवशिष्ठस्य मांसस्य भक्षणं कृत्वा प्रसन्न: अभूत्। अस्तु कथया शिक्ष्यते यत् संगठने शक्ति: भवति। वृषभा: सम्मिल्य किं न कुर्वन्ति स्म?
.....................यह बचत की आम पद्धति है, जो अन्त में निवेश बनती है।
Explanations:
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