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Q: .
  • A. द्विगु
  • B. द्वन्द्व
  • C. तत्पुरुष
  • D. अव्ययीभाव
Correct Answer: Option C - ‘गोशाला’ में तत्पुरुष समास है। जिस समास का दूसरा पद प्रधान हो, तत्पुरुष समास होता है। इसमें गाय के लिए शाला (रहने वाला स्थान) ‘शाला’ प्रधान पद है। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची तथा दूसरा पद संज्ञावाची हो द्विगु समास कहलाता है। जैसे- चौराहा, त्रिलोकी, पंचपात्र, पंचवटी। जिस समास का प्रथम पद प्रधान तथा दूसरा पद संज्ञा हो अव्ययी भाव समास कहलाता है। जैसे-प्रतिदिन, भरपेट, प्रत्याहार, आमरण, यथाशक्ति।
C. ‘गोशाला’ में तत्पुरुष समास है। जिस समास का दूसरा पद प्रधान हो, तत्पुरुष समास होता है। इसमें गाय के लिए शाला (रहने वाला स्थान) ‘शाला’ प्रधान पद है। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची तथा दूसरा पद संज्ञावाची हो द्विगु समास कहलाता है। जैसे- चौराहा, त्रिलोकी, पंचपात्र, पंचवटी। जिस समास का प्रथम पद प्रधान तथा दूसरा पद संज्ञा हो अव्ययी भाव समास कहलाता है। जैसे-प्रतिदिन, भरपेट, प्रत्याहार, आमरण, यथाशक्ति।

Explanations:

‘गोशाला’ में तत्पुरुष समास है। जिस समास का दूसरा पद प्रधान हो, तत्पुरुष समास होता है। इसमें गाय के लिए शाला (रहने वाला स्थान) ‘शाला’ प्रधान पद है। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची तथा दूसरा पद संज्ञावाची हो द्विगु समास कहलाता है। जैसे- चौराहा, त्रिलोकी, पंचपात्र, पंचवटी। जिस समास का प्रथम पद प्रधान तथा दूसरा पद संज्ञा हो अव्ययी भाव समास कहलाता है। जैसे-प्रतिदिन, भरपेट, प्रत्याहार, आमरण, यथाशक्ति।