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Q: .
  • A. कण्हपा
  • B. कमरिपा
  • C. सरहपा
  • D. डोम्बिया
Correct Answer: Option A - जिमि लोण विलिज्जइ पाणिएहि तिम घरिणी लइ चित्त। समरस जाई तक्खणे जइ पुणु ते सम णिन्त। इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार ‘कण्हपा’ हैं। कण्हपा सिद्ध साहित्य के प्रमुख कवियों में से एक थे। इन्होंने 74 ग्रंथ लिखे थे इनका समय 820 ई. माना जाता है। सिद्ध साहित्य बङ्कायानी सिद्धों द्वारा लिखा गया साहित्य है। ये भारत के पूर्वी भाग में सक्रिय थे। सिद्ध साहित्य, बौद्ध धर्म की बङ्कायान शाखा से जुड़ा हुआ है। ‘सरहपा’ सिद्ध साहित्य के प्रथम कवि माने जाते हैं। इनके द्वारा लिखे 32 ग्रंथ बताए जाते हैं। जिनमें ‘दोहा कोश’ प्रमुख है। सिद्ध साहित्य के अन्य कवि हैं– शबरपा, कण्हपा, डोम्भिपा, कुक्कुरिपा आदि।
A. जिमि लोण विलिज्जइ पाणिएहि तिम घरिणी लइ चित्त। समरस जाई तक्खणे जइ पुणु ते सम णिन्त। इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार ‘कण्हपा’ हैं। कण्हपा सिद्ध साहित्य के प्रमुख कवियों में से एक थे। इन्होंने 74 ग्रंथ लिखे थे इनका समय 820 ई. माना जाता है। सिद्ध साहित्य बङ्कायानी सिद्धों द्वारा लिखा गया साहित्य है। ये भारत के पूर्वी भाग में सक्रिय थे। सिद्ध साहित्य, बौद्ध धर्म की बङ्कायान शाखा से जुड़ा हुआ है। ‘सरहपा’ सिद्ध साहित्य के प्रथम कवि माने जाते हैं। इनके द्वारा लिखे 32 ग्रंथ बताए जाते हैं। जिनमें ‘दोहा कोश’ प्रमुख है। सिद्ध साहित्य के अन्य कवि हैं– शबरपा, कण्हपा, डोम्भिपा, कुक्कुरिपा आदि।

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जिमि लोण विलिज्जइ पाणिएहि तिम घरिणी लइ चित्त। समरस जाई तक्खणे जइ पुणु ते सम णिन्त। इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार ‘कण्हपा’ हैं। कण्हपा सिद्ध साहित्य के प्रमुख कवियों में से एक थे। इन्होंने 74 ग्रंथ लिखे थे इनका समय 820 ई. माना जाता है। सिद्ध साहित्य बङ्कायानी सिद्धों द्वारा लिखा गया साहित्य है। ये भारत के पूर्वी भाग में सक्रिय थे। सिद्ध साहित्य, बौद्ध धर्म की बङ्कायान शाखा से जुड़ा हुआ है। ‘सरहपा’ सिद्ध साहित्य के प्रथम कवि माने जाते हैं। इनके द्वारा लिखे 32 ग्रंथ बताए जाते हैं। जिनमें ‘दोहा कोश’ प्रमुख है। सिद्ध साहित्य के अन्य कवि हैं– शबरपा, कण्हपा, डोम्भिपा, कुक्कुरिपा आदि।