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  • A. 1 2 4 3
  • B. 2 3 1 4
  • C. 3 1 4 2
  • D. 4 3 2 1
Correct Answer: Option B - पाबना विद्रोह बंगाल में 1873 से 1876 ई० के मध्य हुआ था इस विद्रोह का कारण जमीदारों द्वारा की गयी लगान वृद्धि थी। इस विद्रोह का सहयोग बंकिमचन्द्र चटर्जी और रमेश दत्त में किया था। एका आंदोलन 1921-22 में अवध के किसानों ने चलाया था इसके प्रमुख नेता मदारी पासी थे। आन्दोलन का कारण अत्यधिक लगान और गैरकानूनी रूप से किसानों से खेत छीनना था। संथाल विद्रोह 1855-56 ई० में आदिवासियों के द्वारा सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में दामन-ए-कोह (भागलपुर और राजमहल का संथाल क्षेत्र) में चलाया गया था। बिहार में 1914 ई. में ताना भगत आंदोलन की शुरूआत हुई थी। इस आन्दोलन के प्रवर्तक ‘जतरा भगत’ थे।
B. पाबना विद्रोह बंगाल में 1873 से 1876 ई० के मध्य हुआ था इस विद्रोह का कारण जमीदारों द्वारा की गयी लगान वृद्धि थी। इस विद्रोह का सहयोग बंकिमचन्द्र चटर्जी और रमेश दत्त में किया था। एका आंदोलन 1921-22 में अवध के किसानों ने चलाया था इसके प्रमुख नेता मदारी पासी थे। आन्दोलन का कारण अत्यधिक लगान और गैरकानूनी रूप से किसानों से खेत छीनना था। संथाल विद्रोह 1855-56 ई० में आदिवासियों के द्वारा सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में दामन-ए-कोह (भागलपुर और राजमहल का संथाल क्षेत्र) में चलाया गया था। बिहार में 1914 ई. में ताना भगत आंदोलन की शुरूआत हुई थी। इस आन्दोलन के प्रवर्तक ‘जतरा भगत’ थे।

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पाबना विद्रोह बंगाल में 1873 से 1876 ई० के मध्य हुआ था इस विद्रोह का कारण जमीदारों द्वारा की गयी लगान वृद्धि थी। इस विद्रोह का सहयोग बंकिमचन्द्र चटर्जी और रमेश दत्त में किया था। एका आंदोलन 1921-22 में अवध के किसानों ने चलाया था इसके प्रमुख नेता मदारी पासी थे। आन्दोलन का कारण अत्यधिक लगान और गैरकानूनी रूप से किसानों से खेत छीनना था। संथाल विद्रोह 1855-56 ई० में आदिवासियों के द्वारा सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में दामन-ए-कोह (भागलपुर और राजमहल का संथाल क्षेत्र) में चलाया गया था। बिहार में 1914 ई. में ताना भगत आंदोलन की शुरूआत हुई थी। इस आन्दोलन के प्रवर्तक ‘जतरा भगत’ थे।