Correct Answer:
Option C - विचारगोष्ठी एवं कार्ययोजना शिक्षण विधि की सबसे उपयुक्त विधि है। इस शिक्षण विधि में छात्र परस्पर विचारों का आदान-प्रदान करके अपने ज्ञान की वृद्धि करते हैं। यह विधि शिक्षा के कृत्रिम वातावरण को समाप्त करने तथा शिक्षा को जीवन से सम्बन्ध स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण है। प्रारम्भ में इसका प्रयोग छात्रों द्वारा किये जाने वाले गृह कार्यों के लिए किया जाता था जिसमें योजना बनाना तथा शारीरिक श्रम करना निहित होता था।
C. विचारगोष्ठी एवं कार्ययोजना शिक्षण विधि की सबसे उपयुक्त विधि है। इस शिक्षण विधि में छात्र परस्पर विचारों का आदान-प्रदान करके अपने ज्ञान की वृद्धि करते हैं। यह विधि शिक्षा के कृत्रिम वातावरण को समाप्त करने तथा शिक्षा को जीवन से सम्बन्ध स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण है। प्रारम्भ में इसका प्रयोग छात्रों द्वारा किये जाने वाले गृह कार्यों के लिए किया जाता था जिसमें योजना बनाना तथा शारीरिक श्रम करना निहित होता था।