Explanations:
‘‘मैं बहुत दिन नहीं जीऊँगी भट्ट थोड़े दिनों की अतिथि हूँ। मेरा एक अनुरोध तुम्हें रखना होगा।’’ यह कथन निपुणिका का है। ‘निपुणिका’ बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास की पात्र है। बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास के लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी है। हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित अन्य उपन्यास है- चारूचन्द्र लेख, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा आदि।