Explanations:
संस्थाओं में अन्त:शैक्षणिक – सम्पन्नमूल विनिमयकरण संवहन तन्त्रज्ञान होता है – अन्तर्जालम् (Internet)। आन्तरिक शैक्षणिक को सम्पन्न करने के लिए विनिमयकरण करते हैं अन्तर्जालम्। अन्तर्जालम् जो पूरे विश्व के ज्ञान को समाहित रखता है। इन्टरनेट जो एक ही संस्था तक सीमित रहता है।