Correct Answer:
Option B - ‘देशभक्ति’ में तत्पुरुष समास है इसका समास विग्रह है- ‘देश के लिए भक्ति’। जिस समास में अंतिम पद प्रधान होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। जैसे- शोकग्रस्त, गगनचुम्बी आदि। अन्य समास इस प्रकार हैं- जिस समास में पहला पद अव्यय और दूसरा पद संज्ञा होता है उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं, जैसे- प्रतिदिन, यथाशक्ति आदि। जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है तथा दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते है जैसे- पीताम्बर, दशानन, चक्रधर। जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं उसे द्वंद्व समास कहते हैं, जैसे-माता-पिता, भाई-बहन, राधा-कृष्ण आदि।
B. ‘देशभक्ति’ में तत्पुरुष समास है इसका समास विग्रह है- ‘देश के लिए भक्ति’। जिस समास में अंतिम पद प्रधान होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। जैसे- शोकग्रस्त, गगनचुम्बी आदि। अन्य समास इस प्रकार हैं- जिस समास में पहला पद अव्यय और दूसरा पद संज्ञा होता है उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं, जैसे- प्रतिदिन, यथाशक्ति आदि। जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता है तथा दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं, उसे बहुव्रीहि समास कहते है जैसे- पीताम्बर, दशानन, चक्रधर। जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं उसे द्वंद्व समास कहते हैं, जैसे-माता-पिता, भाई-बहन, राधा-कृष्ण आदि।