Correct Answer:
Option C - शिवपालगंज के बारे में ‘रंगनाथ’ को ऐसा लगने लगता है कि महाभारत की तरह, ‘‘जो कहीं नहीं है वह यहाँ है, और जो यहाँ नहीं है वह कहीं नहीं है।’’ उक्त पंक्ति रागदरबारी (1968) उपन्यास की है। रागदरबारी उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इस उपन्यास में ‘शिवपालगंज’ नामक गाँव एवं ग्रामीण परिवेश का वर्णन किया गया है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र – कप्तान बाबू, बैद्य जी, बद्री, रंगनाथ आदि हैं।
C. शिवपालगंज के बारे में ‘रंगनाथ’ को ऐसा लगने लगता है कि महाभारत की तरह, ‘‘जो कहीं नहीं है वह यहाँ है, और जो यहाँ नहीं है वह कहीं नहीं है।’’ उक्त पंक्ति रागदरबारी (1968) उपन्यास की है। रागदरबारी उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इस उपन्यास में ‘शिवपालगंज’ नामक गाँव एवं ग्रामीण परिवेश का वर्णन किया गया है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र – कप्तान बाबू, बैद्य जी, बद्री, रंगनाथ आदि हैं।