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Q: .
  • A. झिंगुरी सिंह
  • B. दातादीन
  • C. लाला पटेश्वरी
  • D. नोखेराम
Correct Answer: Option A - झुनिया को शरण देने पर पंचायत का दंड चुकाने के लिए होरी ने झिंगुरी सिंह के हाथ अपने घर को अस्सी रुपए में गिरो रखा। ‘झिंगुरी सिंह’ गोदान उपन्यास का पात्र है। गोदान उपन्यास के लेखक प्रेमचंद हैं। ‘गोदान’ उपन्यास का प्रकाशन 1936 ई. में हुआ। यह उपन्यास किसान जीवन की महागाथा कहा जाता है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं– होरी, हीरा, धनिया, झुनिया, गोबर, रूपा, सोना, मालती, मेहता, रायसाहब, मि. खन्ना, मातादीन, लाला पटेश्वरी, नोखेराम आदि।
A. झुनिया को शरण देने पर पंचायत का दंड चुकाने के लिए होरी ने झिंगुरी सिंह के हाथ अपने घर को अस्सी रुपए में गिरो रखा। ‘झिंगुरी सिंह’ गोदान उपन्यास का पात्र है। गोदान उपन्यास के लेखक प्रेमचंद हैं। ‘गोदान’ उपन्यास का प्रकाशन 1936 ई. में हुआ। यह उपन्यास किसान जीवन की महागाथा कहा जाता है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं– होरी, हीरा, धनिया, झुनिया, गोबर, रूपा, सोना, मालती, मेहता, रायसाहब, मि. खन्ना, मातादीन, लाला पटेश्वरी, नोखेराम आदि।

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झुनिया को शरण देने पर पंचायत का दंड चुकाने के लिए होरी ने झिंगुरी सिंह के हाथ अपने घर को अस्सी रुपए में गिरो रखा। ‘झिंगुरी सिंह’ गोदान उपन्यास का पात्र है। गोदान उपन्यास के लेखक प्रेमचंद हैं। ‘गोदान’ उपन्यास का प्रकाशन 1936 ई. में हुआ। यह उपन्यास किसान जीवन की महागाथा कहा जाता है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं– होरी, हीरा, धनिया, झुनिया, गोबर, रूपा, सोना, मालती, मेहता, रायसाहब, मि. खन्ना, मातादीन, लाला पटेश्वरी, नोखेराम आदि।