Correct Answer:
Option B - ‘युद्ध में स्थिर रहने वाला’, युधिष्ठिर का समास विग्रह है, इसमें अलुक् तत्पुरुष समास है। अलुक् तत्पुरुष समास का उपभेद है। इसमें समास करने पर पूर्वपद की विभक्ति का लोप नहीं होता है। जैसे–
मनसिज – मनसि (मन में) + ज (उत्पन्न) = कामदेव
खेचर – खे (आकाश) + चर (विचरने वाला) = पक्षी
निशिचर – निशि (रात में) + चर (विचरने वाला) = राक्षस
B. ‘युद्ध में स्थिर रहने वाला’, युधिष्ठिर का समास विग्रह है, इसमें अलुक् तत्पुरुष समास है। अलुक् तत्पुरुष समास का उपभेद है। इसमें समास करने पर पूर्वपद की विभक्ति का लोप नहीं होता है। जैसे–
मनसिज – मनसि (मन में) + ज (उत्पन्न) = कामदेव
खेचर – खे (आकाश) + चर (विचरने वाला) = पक्षी
निशिचर – निशि (रात में) + चर (विचरने वाला) = राक्षस