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  • A. केवल A, C और E
  • B. केवल B और C
  • C. केवल B, D और A
  • D. केवल D और E
Correct Answer: Option D - पृथ्वीराज रासो के सन्दर्भ में असत्य कथन निम्नलिखित हैं- ● पृथ्वीराज रासो को चंद बरदाई के पुत्र ‘कल्हड़’ ने पूरा किया यह वाक्य असंगत है। इसका संगत रूप होगा कि पृथ्वीराज रासो को चंदबरदाई के पुत्र ‘जल्हड़’ ने पूरा किया। ● पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा रासो में वर्णित घटनाओं तथा संवतों को भाटों की कल्पना नहीं मानते हैं। यह कथन असत्य है। ● पृथ्वीराज रासो चंदबरदाई की रचना है, यह 69 समय में रचित है, इसमें मुख्य छंद-कवित्त, दूहा, तोमर, गाहा हैं। यह ढाई हजार पृष्ठों का बहुत बड़ा ग्रंथ है।
D. पृथ्वीराज रासो के सन्दर्भ में असत्य कथन निम्नलिखित हैं- ● पृथ्वीराज रासो को चंद बरदाई के पुत्र ‘कल्हड़’ ने पूरा किया यह वाक्य असंगत है। इसका संगत रूप होगा कि पृथ्वीराज रासो को चंदबरदाई के पुत्र ‘जल्हड़’ ने पूरा किया। ● पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा रासो में वर्णित घटनाओं तथा संवतों को भाटों की कल्पना नहीं मानते हैं। यह कथन असत्य है। ● पृथ्वीराज रासो चंदबरदाई की रचना है, यह 69 समय में रचित है, इसमें मुख्य छंद-कवित्त, दूहा, तोमर, गाहा हैं। यह ढाई हजार पृष्ठों का बहुत बड़ा ग्रंथ है।

Explanations:

पृथ्वीराज रासो के सन्दर्भ में असत्य कथन निम्नलिखित हैं- ● पृथ्वीराज रासो को चंद बरदाई के पुत्र ‘कल्हड़’ ने पूरा किया यह वाक्य असंगत है। इसका संगत रूप होगा कि पृथ्वीराज रासो को चंदबरदाई के पुत्र ‘जल्हड़’ ने पूरा किया। ● पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा रासो में वर्णित घटनाओं तथा संवतों को भाटों की कल्पना नहीं मानते हैं। यह कथन असत्य है। ● पृथ्वीराज रासो चंदबरदाई की रचना है, यह 69 समय में रचित है, इसमें मुख्य छंद-कवित्त, दूहा, तोमर, गाहा हैं। यह ढाई हजार पृष्ठों का बहुत बड़ा ग्रंथ है।