निम्न में से कौन-सी विज्ञापन एजेन्सी भारत की नहीं है?
इनमें से कौन बहुमत-प्राप्त दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है?
दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती सम्मेलन 2025 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाँ किया?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए – कथन (A) : उत्तर प्रदेश में `शिक्षा-मित्र योजना' ग्रामीण युवा शक्ति को अपने ही ग्राम की शिक्षा द्वारा सेवा करने का अवसर उपलब्ध कराती है। कारण (R) : मानकानुसार अध्यापक-छात्र अनुपात को बनाए रखना उसका उद्देश्य है। कूट :
‘‘चिकनकारी’’ एक पारंपरिक कढ़ाई शैली है जिसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के किस शहर में हुई थी?
इनमें से कौन ‘आलवार’ महिला संत है?
The most dominating cause of environmental pollution is पर्यावरण प्रदूषण का सबसे प्रमुख कारण है
A man spends 76% of his monthly salary (in ₹) on the rent of his house. If every month he also spends ₹813 on his conveyance and ₹2508 on his grocery and saves the remaining ₹687, his monthly salary (in ₹) is: एक आदमी अपने मासिक वेतन का 76% (` में) अपने घर के किराए पर खच करता है। यदि वह हर महीने अपने वाहन पर `813 और किराने पर `2508 खर्च करता है और शेष `687 बचाता है, तो उसका मासिक वेतन (` में) कितना है?
निर्देश- प्रश्न संख्या (185 से 191) निम्नलिखितं गद्यांशं पठित्वा सप्तप्रश्नानां उत्तराणि समुचितं विकल्पं चित्वा दत्त– अस्ति कस्मिंश्चिद्वनोद्देशे मदोत्कटो नाम सिंह: प्रतिवसति स्म। तस्य च अनुचरा अन्य द्वीपिवायसगोमायव: सन्ति । अथ कदाचित् तै: इतस्ततो भ्रमद्भि: सार्थभ्रष्ट: क्रथनको नाम उष्टो दृष्ट:। अथ सिंह आह- ‘‘अहो! अपूर्वमिदं सत्त्वम् । तज्ज्ञायतां किमेतदारण्यकं ग्राम्यं वा’’ इति। तच्छ्रुत्वा वायस आह- ‘‘भो स्वामिन्! ग्राम्योऽयमुष्ट्रनामा जीवविशेषस्तव भोज्य:। तत् व्यापाद्यताम्। सिंह आह- ‘‘नाहं गृहमागतं हन्मि उक्तञ्च। तद्भय प्रदानं दत्त्वा मत्सकाशमानीयतां येन अस्यागमनकारणं पृच्छामि’’। अथ असौ सर्वैरपि विश्वासस्य अभयप्रदानं दत्त्वा मदोत्कटसकाशमानीत: प्रणम्योपविष्टश्च। ततस्तस्य पृच्छतस्तेनात्मवृत्तान्त: सार्थभ्रंशसमुद्भवो निवेदित:। तत: सिंहेनोक्तम् - ‘‘भो क्रथनक! मा त्वं ग्रामं गत्वा भूयोऽपि भारोदवहनकष्टभागी भूया:। तदत्रैव अरण्ये निर्विशज्रे मरकतसदृशानि शष्पाग्राणि भक्षयन् मया सह सदैव वस’’। सोऽपि तथेत्युक्त्वा तेषां मध्ये विचरन् न कुतोऽपि भयमिति सुखेन आस्ते। तथान्येद्युर्मदोत्कटस्य महागजेन अरण्यचारिणा सह युद्धमभवत् । ततस्तस्य दन्तमुशलप्रहारैव्यर्था सञ्जाता। व्यथित: कथमपि प्राणैर्न वियुक्त:। अथ शरीरसामर्थ्यात न कुत्रचित्पदमपि चलितुं शक्नोति तेऽपि सर्वे काकादयोऽप्रभुत्वेन क्षुधाविष्टा: परं दु:खं भेजु: अथ तान् सिंह: प्राह- ‘‘भो! अन्विष्यतां कुत्रचित् किञ्चित् सत्त्वं येन अहं एतामपि दशां प्राप्तस्तद्धत्वा युष्मद्भोजनं सम्पादयामि’’। अथ ते चत्वारोऽपि भ्रमितुमारब्धा यावन्न किञ्चित् सत्त्वं पश्यन्ति तावद्वायसशृगालौ परस्परं मन्त्रयत:। शृगाल आह - ‘‘भो वायस! किं प्रभूतभ्रान्तेन, अयमस्माकं प्रभो: क्रथनको विश्वस्तस्तिष्ठति तदेनं हत्वा प्राणयात्रां कुर्म:। वायस आह- ‘‘युक्तमुक्तं भवता, परं स्वामिना तस्य अभयप्रदानं दत्तमास्ते न वध्योऽयम्’’ इति। वायसशृगालौ अस्मिन पदे क: समास: ?
In India states with____get more representative.
Explanations:
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