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Q: .
  • A. प्रयुक्त जल का संग्रह और भण्डारण
  • B. वर्षा–जल का जमाव और भण्डारण
  • C. पानी का वितरण
  • D. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - वर्षा–जल का जमाव और भण्डारण ‘वर्षा जल संग्रहण’ कहलाता है। धरती पर पानी का मुख्य स्रोत वर्षा का जल है। वर्षा का जल धरती पर गिरकर विभिन्न रास्ते अपनाता है। वर्षा के जल का कुछ भाग मिट्टी के कणों एवं पेड़ पौधों की जड़ों से चिपक कर उनकी वृद्धि में सहायक होता है। भू-जल स्तर को ऊँचा उठाने के लिए वर्षा का पानी गड्ढों या तालाबों में एकत्र करना चाहिए इससे भूजल का पुनर्भरण होता है।
B. वर्षा–जल का जमाव और भण्डारण ‘वर्षा जल संग्रहण’ कहलाता है। धरती पर पानी का मुख्य स्रोत वर्षा का जल है। वर्षा का जल धरती पर गिरकर विभिन्न रास्ते अपनाता है। वर्षा के जल का कुछ भाग मिट्टी के कणों एवं पेड़ पौधों की जड़ों से चिपक कर उनकी वृद्धि में सहायक होता है। भू-जल स्तर को ऊँचा उठाने के लिए वर्षा का पानी गड्ढों या तालाबों में एकत्र करना चाहिए इससे भूजल का पुनर्भरण होता है।

Explanations:

वर्षा–जल का जमाव और भण्डारण ‘वर्षा जल संग्रहण’ कहलाता है। धरती पर पानी का मुख्य स्रोत वर्षा का जल है। वर्षा का जल धरती पर गिरकर विभिन्न रास्ते अपनाता है। वर्षा के जल का कुछ भाग मिट्टी के कणों एवं पेड़ पौधों की जड़ों से चिपक कर उनकी वृद्धि में सहायक होता है। भू-जल स्तर को ऊँचा उठाने के लिए वर्षा का पानी गड्ढों या तालाबों में एकत्र करना चाहिए इससे भूजल का पुनर्भरण होता है।