Correct Answer:
Option A - प्रश्न में संदर्भित युक्ति इस आधार पर तर्क करती है कि यदि कोई समूह (बंधुत्व समूह) समृद्ध है, तो उसका प्रत्येक सदस्य (श्री एक्स) भी समृद्ध होना चाहिए। यह एक विग्रहदोष है, क्योंकि समूह की विशेषता (समृद्धता) को स्वत: ही उसके प्रत्येक सदस्य पर लागू नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि बंधुत्व समूह की समृद्धता कुछ सदस्यों की संपत्ति या अन्य कारकों के कारण हो, और श्री एक्स व्यक्तिगत रूप से समृद्ध न हो।
A. प्रश्न में संदर्भित युक्ति इस आधार पर तर्क करती है कि यदि कोई समूह (बंधुत्व समूह) समृद्ध है, तो उसका प्रत्येक सदस्य (श्री एक्स) भी समृद्ध होना चाहिए। यह एक विग्रहदोष है, क्योंकि समूह की विशेषता (समृद्धता) को स्वत: ही उसके प्रत्येक सदस्य पर लागू नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि बंधुत्व समूह की समृद्धता कुछ सदस्यों की संपत्ति या अन्य कारकों के कारण हो, और श्री एक्स व्यक्तिगत रूप से समृद्ध न हो।