Correct Answer:
Option A - एफ. आर. लेविस का सम्बन्ध रूसी रूपवाद से नहीं है, शेष तीनों विचारकों का संबंध रूसी रूपवाद से है। एफ.आर. लेविस का संबंध साहित्यिक आलोचना और संस्कृति से हैं वे बीसवीं सदी के एक प्रभावशाली ब्रिटिश आलोचक थे, जिन्होंने साहित्य को एक सामाजिक और सांस्कृतिक ईकाई के रूप में देखा। आधुनिक आलोचना के आधार स्तम्भ माने जाने वाले आई.ए. रिचर्ड्स और टी.एस. इलियट के बाद इग्लैंड में ‘नई आलोचना’ का जो नया दौर आरम्भ हुआ, उसमें एफ.आर. लेविस प्रमुख माने जाते हैं।
रूसी रूपवाद एक कलावादी आंदोलन है, जो 20वीं शती के दूसरे दशक में शुरू हुआ। इस आंदोलन की शुरुआत सन् 1919 ई. में विक्टर श्लोवस्की ने रूस में शुरू किया। रूपवाद के प्रमुख समर्थक हैं- बोरिस इकेनबाम, रोमन जेकोब्सन, जान मुकरोवस्की, रेने वेलेक आदि।
A. एफ. आर. लेविस का सम्बन्ध रूसी रूपवाद से नहीं है, शेष तीनों विचारकों का संबंध रूसी रूपवाद से है। एफ.आर. लेविस का संबंध साहित्यिक आलोचना और संस्कृति से हैं वे बीसवीं सदी के एक प्रभावशाली ब्रिटिश आलोचक थे, जिन्होंने साहित्य को एक सामाजिक और सांस्कृतिक ईकाई के रूप में देखा। आधुनिक आलोचना के आधार स्तम्भ माने जाने वाले आई.ए. रिचर्ड्स और टी.एस. इलियट के बाद इग्लैंड में ‘नई आलोचना’ का जो नया दौर आरम्भ हुआ, उसमें एफ.आर. लेविस प्रमुख माने जाते हैं।
रूसी रूपवाद एक कलावादी आंदोलन है, जो 20वीं शती के दूसरे दशक में शुरू हुआ। इस आंदोलन की शुरुआत सन् 1919 ई. में विक्टर श्लोवस्की ने रूस में शुरू किया। रूपवाद के प्रमुख समर्थक हैं- बोरिस इकेनबाम, रोमन जेकोब्सन, जान मुकरोवस्की, रेने वेलेक आदि।