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  • A. A B C D II III IV I
  • B. A B C D III II IV I
  • C. A B C D III I II IV
  • D. A B C D II I III IV
Correct Answer: Option C - सूची-I तथा सूची-II का सही मिलान निम्न है – सूची-I सूची-II (‘मुर्दहिया’ में प्रयुक्त शब्द) (आशय) डांगर – मरे हुए पशुओं का मांस अन्यास – लाल कपड़े में रखी हुई हस्तलिखित पाण्डुलिपि परवाना – शवयात्रा के दौरान गाया जाने वाला विशेष भजन विस्टौरिया – चाँदी का सिक्का ‘मुर्दहिया’ (2010 ई.) आत्मकथा के लेखक तुलसीराम हैं। तुलसीराम की आत्मकथा का दूसरा भाग मणिर्किणका है जिसका प्रकाशन – 2013 में हुआ था। मुर्दहिया मूलत: दलित आत्मकथा के रूप में हिन्दी साहित्य में विशिष्ट पहचान रखता है। यह आजमगढ़ जनपद में स्थित लेखक के गाँव धरमपुर के श्मशान घाट का नाम है, जो दलितों की कर्मस्थली है। मुर्दहिया में लेखक ने अपने बचपन से लेकर इंटर की शिक्षा तक की जीवन यात्रा का क्रमबद्ध ब्यौरा दिया है।
C. सूची-I तथा सूची-II का सही मिलान निम्न है – सूची-I सूची-II (‘मुर्दहिया’ में प्रयुक्त शब्द) (आशय) डांगर – मरे हुए पशुओं का मांस अन्यास – लाल कपड़े में रखी हुई हस्तलिखित पाण्डुलिपि परवाना – शवयात्रा के दौरान गाया जाने वाला विशेष भजन विस्टौरिया – चाँदी का सिक्का ‘मुर्दहिया’ (2010 ई.) आत्मकथा के लेखक तुलसीराम हैं। तुलसीराम की आत्मकथा का दूसरा भाग मणिर्किणका है जिसका प्रकाशन – 2013 में हुआ था। मुर्दहिया मूलत: दलित आत्मकथा के रूप में हिन्दी साहित्य में विशिष्ट पहचान रखता है। यह आजमगढ़ जनपद में स्थित लेखक के गाँव धरमपुर के श्मशान घाट का नाम है, जो दलितों की कर्मस्थली है। मुर्दहिया में लेखक ने अपने बचपन से लेकर इंटर की शिक्षा तक की जीवन यात्रा का क्रमबद्ध ब्यौरा दिया है।

Explanations:

सूची-I तथा सूची-II का सही मिलान निम्न है – सूची-I सूची-II (‘मुर्दहिया’ में प्रयुक्त शब्द) (आशय) डांगर – मरे हुए पशुओं का मांस अन्यास – लाल कपड़े में रखी हुई हस्तलिखित पाण्डुलिपि परवाना – शवयात्रा के दौरान गाया जाने वाला विशेष भजन विस्टौरिया – चाँदी का सिक्का ‘मुर्दहिया’ (2010 ई.) आत्मकथा के लेखक तुलसीराम हैं। तुलसीराम की आत्मकथा का दूसरा भाग मणिर्किणका है जिसका प्रकाशन – 2013 में हुआ था। मुर्दहिया मूलत: दलित आत्मकथा के रूप में हिन्दी साहित्य में विशिष्ट पहचान रखता है। यह आजमगढ़ जनपद में स्थित लेखक के गाँव धरमपुर के श्मशान घाट का नाम है, जो दलितों की कर्मस्थली है। मुर्दहिया में लेखक ने अपने बचपन से लेकर इंटर की शिक्षा तक की जीवन यात्रा का क्रमबद्ध ब्यौरा दिया है।