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Q: .
  • A. द्विगु
  • B. बहुव्रीहि
  • C. द्वंद्व
  • D. कर्मधारय
Correct Answer: Option A - आठ अध्याय है जिसमें, यह ‘द्विगु समास’ का उदाहरण है, अष्टाध्यायी अर्थात् आठ अध्यायों का समाहार। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो द्विगु समास होता है। जैसे – चौराहा, पंचपात्र, त्रिलोकी, पंचवटी। जिस समास का दोनों पद प्रधान होता है। वहाँ द्वन्द्व समास होता है। जैसे– भाई-बहन, माता-पिता, ऊँचा-नीचा। जिस समास का पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो कर्मधारय होता है। जैसे– महात्मा, पीताम्बर, महाकवि, पीतसागर।
A. आठ अध्याय है जिसमें, यह ‘द्विगु समास’ का उदाहरण है, अष्टाध्यायी अर्थात् आठ अध्यायों का समाहार। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो द्विगु समास होता है। जैसे – चौराहा, पंचपात्र, त्रिलोकी, पंचवटी। जिस समास का दोनों पद प्रधान होता है। वहाँ द्वन्द्व समास होता है। जैसे– भाई-बहन, माता-पिता, ऊँचा-नीचा। जिस समास का पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो कर्मधारय होता है। जैसे– महात्मा, पीताम्बर, महाकवि, पीतसागर।

Explanations:

आठ अध्याय है जिसमें, यह ‘द्विगु समास’ का उदाहरण है, अष्टाध्यायी अर्थात् आठ अध्यायों का समाहार। जिस समास का प्रथम पद संख्यावाची विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो द्विगु समास होता है। जैसे – चौराहा, पंचपात्र, त्रिलोकी, पंचवटी। जिस समास का दोनों पद प्रधान होता है। वहाँ द्वन्द्व समास होता है। जैसे– भाई-बहन, माता-पिता, ऊँचा-नीचा। जिस समास का पहला पद विशेषण तथा दूसरा पद विशेष्य हो कर्मधारय होता है। जैसे– महात्मा, पीताम्बर, महाकवि, पीतसागर।