Correct Answer:
Option D - रागदरबारी उपन्यास में उद्धृत पंक्तियों का पहले से बाद का व्यवस्थित क्रम निम्न है -
1. कहा तो, घास खोद रहा हूँ। इसी को अंग्रेजी में रिसर्च कहते हैं।
2. बवासीर के चार आदम कद अक्षर चिल्लाकर कह रहे थे कि यहाँ पेचिस का युग समाप्त हो गया है।
3. रंगनाथ ने कहा, वे दफ्तर वाले बडे शरारती है। कैसी-कैसी गलतियां निकालते हैं।
4. कभी-कभी जीतने वाला इन्सानियत का प्रयोग करता था। वह कहता, ‘क्या इसी का नाम इन्सानियत है?
5. पिता जी गीता की बात कर रहे हैं। रूपत्न बाबू ने सोचा, अब देखें यह दरोगा बचकर कहाँ जाता है।
रागदरबारी (1968) उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इनके द्वारा रचित अन्य उपन्यास ग्रंथ हैं- सूनी घाटी का सूरज, अज्ञातवास, आदमी का जहर, सीमाएं टूटती हैं, मकान, पहला पड़ाव, विश्रामपुर का संत, यह घर मेरा नहीं, अंगद का पांव इत्यादि।
D. रागदरबारी उपन्यास में उद्धृत पंक्तियों का पहले से बाद का व्यवस्थित क्रम निम्न है -
1. कहा तो, घास खोद रहा हूँ। इसी को अंग्रेजी में रिसर्च कहते हैं।
2. बवासीर के चार आदम कद अक्षर चिल्लाकर कह रहे थे कि यहाँ पेचिस का युग समाप्त हो गया है।
3. रंगनाथ ने कहा, वे दफ्तर वाले बडे शरारती है। कैसी-कैसी गलतियां निकालते हैं।
4. कभी-कभी जीतने वाला इन्सानियत का प्रयोग करता था। वह कहता, ‘क्या इसी का नाम इन्सानियत है?
5. पिता जी गीता की बात कर रहे हैं। रूपत्न बाबू ने सोचा, अब देखें यह दरोगा बचकर कहाँ जाता है।
रागदरबारी (1968) उपन्यास के लेखक श्रीलाल शुक्ल हैं। इनके द्वारा रचित अन्य उपन्यास ग्रंथ हैं- सूनी घाटी का सूरज, अज्ञातवास, आदमी का जहर, सीमाएं टूटती हैं, मकान, पहला पड़ाव, विश्रामपुर का संत, यह घर मेरा नहीं, अंगद का पांव इत्यादि।