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Q: .
  • A. अबुल फजल
  • B. मियाँ तानसेन
  • C. राजा बीरबल
  • D. राजा टोडरमल
Correct Answer: Option B - मुगलकाल में संगीत का सर्वाधिक विकास अकबर के शासन काल में हुआ था। अकबर के दरबार में तानसेन के अतिरिक्त अन्य धु्रपद गायक–बैजबख्श, गोपाल, हरिदास, सूरदास आदि थे। तानसेन की प्रमुख रचनाएँ–मियाँ की टोड़ी, मियाँ की मल्हार, मियाँ की सारंग, दरबारी कान्हड़ा आदि। अकबर ने तानसेन को कण्ठाभरण - वाणीविलास की उपाधि प्रदान की थी।
B. मुगलकाल में संगीत का सर्वाधिक विकास अकबर के शासन काल में हुआ था। अकबर के दरबार में तानसेन के अतिरिक्त अन्य धु्रपद गायक–बैजबख्श, गोपाल, हरिदास, सूरदास आदि थे। तानसेन की प्रमुख रचनाएँ–मियाँ की टोड़ी, मियाँ की मल्हार, मियाँ की सारंग, दरबारी कान्हड़ा आदि। अकबर ने तानसेन को कण्ठाभरण - वाणीविलास की उपाधि प्रदान की थी।

Explanations:

मुगलकाल में संगीत का सर्वाधिक विकास अकबर के शासन काल में हुआ था। अकबर के दरबार में तानसेन के अतिरिक्त अन्य धु्रपद गायक–बैजबख्श, गोपाल, हरिदास, सूरदास आदि थे। तानसेन की प्रमुख रचनाएँ–मियाँ की टोड़ी, मियाँ की मल्हार, मियाँ की सारंग, दरबारी कान्हड़ा आदि। अकबर ने तानसेन को कण्ठाभरण - वाणीविलास की उपाधि प्रदान की थी।