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  • A. हुमायूँ का मकबरा
  • B. महाबोधि मंदिर समूह
  • C. कुतुब मीनार
  • D. लाल किला परिसर
Correct Answer: Option B - महाबोधि मंदिर, बिहार के ‘गया’ जिले में स्थित है। इसका निर्माण ई०पू० तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक ने करवाया था। वर्तमान मंदिर पांचवी या छठवीं शताब्दी में बनवाया गया, जो कि पूरी तरह से ईटों से निर्मित है। यहीं पर गौतम बुद्ध को वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल वृक्ष के नीचे निरंजना नदी के तट पर ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे बुद्ध कहलाये। बुद्ध बनने के पश्चात् सर्वप्रथम तपस्स और भल्लिक नामक दो व्यक्तियों को बोधगया में ही बौद्ध धर्म में दीक्षित किया और बौद्ध धर्म का प्रचार किया। महाबोधि मंदिर समूह को वर्ष 2002 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया गया।
B. महाबोधि मंदिर, बिहार के ‘गया’ जिले में स्थित है। इसका निर्माण ई०पू० तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक ने करवाया था। वर्तमान मंदिर पांचवी या छठवीं शताब्दी में बनवाया गया, जो कि पूरी तरह से ईटों से निर्मित है। यहीं पर गौतम बुद्ध को वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल वृक्ष के नीचे निरंजना नदी के तट पर ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे बुद्ध कहलाये। बुद्ध बनने के पश्चात् सर्वप्रथम तपस्स और भल्लिक नामक दो व्यक्तियों को बोधगया में ही बौद्ध धर्म में दीक्षित किया और बौद्ध धर्म का प्रचार किया। महाबोधि मंदिर समूह को वर्ष 2002 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया गया।

Explanations:

महाबोधि मंदिर, बिहार के ‘गया’ जिले में स्थित है। इसका निर्माण ई०पू० तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक ने करवाया था। वर्तमान मंदिर पांचवी या छठवीं शताब्दी में बनवाया गया, जो कि पूरी तरह से ईटों से निर्मित है। यहीं पर गौतम बुद्ध को वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल वृक्ष के नीचे निरंजना नदी के तट पर ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे बुद्ध कहलाये। बुद्ध बनने के पश्चात् सर्वप्रथम तपस्स और भल्लिक नामक दो व्यक्तियों को बोधगया में ही बौद्ध धर्म में दीक्षित किया और बौद्ध धर्म का प्रचार किया। महाबोधि मंदिर समूह को वर्ष 2002 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया गया।