Correct Answer:
Option A - इस अवस्था में बच्चे एक समय में केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, जिसे केन्द्रिता कहा जाता है। यह जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार पूर्ण संक्रियात्मक अवस्था की एक मुख्य विशेषता है। यह 2 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों में सोचने का एक चरण है।
A. इस अवस्था में बच्चे एक समय में केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं, जिसे केन्द्रिता कहा जाता है। यह जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार पूर्ण संक्रियात्मक अवस्था की एक मुख्य विशेषता है। यह 2 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों में सोचने का एक चरण है।