Correct Answer:
Option D - आदिकाल में लिखी गई रचना ‘आल्हा’ (जगनिक) की मूलभाषा बुन्देलखण्डी है। परमाल रासो से आल्हा खण्ड विकसित माना जाता है। इसमें आल्हा-ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाइयों का वर्णन किया गया है। इसका प्रकाशन 1865 ई. में फर्रुखाबाद में तैनात तत्कालीन जिलाधीश ‘चाल्र्स इलियट’ ने किया था। आल्हा का प्रमुख केन्द्र बैसवाड़ा को माना जाता है। आल्हा गीत विशेष रूप से बरसात में गया जाता है।
D. आदिकाल में लिखी गई रचना ‘आल्हा’ (जगनिक) की मूलभाषा बुन्देलखण्डी है। परमाल रासो से आल्हा खण्ड विकसित माना जाता है। इसमें आल्हा-ऊदल नामक दो वीर सरदारों की वीरतापूर्ण लड़ाइयों का वर्णन किया गया है। इसका प्रकाशन 1865 ई. में फर्रुखाबाद में तैनात तत्कालीन जिलाधीश ‘चाल्र्स इलियट’ ने किया था। आल्हा का प्रमुख केन्द्र बैसवाड़ा को माना जाता है। आल्हा गीत विशेष रूप से बरसात में गया जाता है।