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Q: .
  • A. भामह आदि आचार्यों ने ध्वनि तत्व को प्रारंभ से ही स्वीकृत किया।
  • B. दण्डी के प्रस्तुत प्रतिवस्तूपमा में ध्वनि-तत्व का स्पष्ट संकेत है।
  • C. आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए।
  • D. अलंकार अंगी है और गुण तथा वृत्तियांं उसके अंग हैं।
Correct Answer: Option C - आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए। उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार ध्वनि के संबंध में सत्य है। जबकि अन्य कथन असत्य हैं।
C. आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए। उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार ध्वनि के संबंध में सत्य है। जबकि अन्य कथन असत्य हैं।

Explanations:

आनन्दवर्धन के अनुसार प्रतिवस्तूपमा आदि अलंकारों को ध्वनि नहीं माना जाना चाहिए। उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार ध्वनि के संबंध में सत्य है। जबकि अन्य कथन असत्य हैं।