Correct Answer:
Option B - ओजोन परत का अधिकतम ह्रास दक्षिणी ध्रुव पर हुआ है। सर्वप्रथम ब्रिटिश दल ने 1985 में टोटल ओजोन मैपिंग स्पेक्ट्रोमीटर, की मदद से अंटार्कटिका (दक्षिणी ध्रुव) के ऊपर ओजोन छिद्र का पता लगाया था। ओजोन छिद्र के होने से सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें धरातल तक पहुँचकर त्वचा पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं जिससे त्वचा कैंसर हो जाता है।
B. ओजोन परत का अधिकतम ह्रास दक्षिणी ध्रुव पर हुआ है। सर्वप्रथम ब्रिटिश दल ने 1985 में टोटल ओजोन मैपिंग स्पेक्ट्रोमीटर, की मदद से अंटार्कटिका (दक्षिणी ध्रुव) के ऊपर ओजोन छिद्र का पता लगाया था। ओजोन छिद्र के होने से सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें धरातल तक पहुँचकर त्वचा पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं जिससे त्वचा कैंसर हो जाता है।