Correct Answer:
Option C - शास्त्रीय नृत्य ‘कथक’ मूलत: उत्तर प्रदेश राज्य से संबद्ध है। अंग-प्रत्यंग एवं मनोभावों के साथ की गई नियंत्रित यति-गति को नृत्य कहा जाता है। भरतमुनि (द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व) का नाट्यशास्त्र शास्त्रीय नृत्य पर प्राचीन ग्रंथ के रूप में उपलब्ध है, जो नाटक, नृत्य और संगीत कला की स्रोत पुस्तक है। भारतीय नृत्यकला को दो वर्गों में बाँटा जाता है-1. शास्त्रीय नृत्य 2. लोक एवं जनजातीय नृत्य।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य की 8 प्रमुख शैलियाँ हैं-1. कथक (उत्तर प्रदेश) 2. भरतनाट्यम (तमिलनाडु) 3. कथकली (केरल) 4. कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश) 5. मोहिनीअट्टम (केरल) 6. ओडिसी (ओडिशा) 7. मणिपुरी (मणिपुर) 8. सत्रीया नृत्य (असम)।
C. शास्त्रीय नृत्य ‘कथक’ मूलत: उत्तर प्रदेश राज्य से संबद्ध है। अंग-प्रत्यंग एवं मनोभावों के साथ की गई नियंत्रित यति-गति को नृत्य कहा जाता है। भरतमुनि (द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व) का नाट्यशास्त्र शास्त्रीय नृत्य पर प्राचीन ग्रंथ के रूप में उपलब्ध है, जो नाटक, नृत्य और संगीत कला की स्रोत पुस्तक है। भारतीय नृत्यकला को दो वर्गों में बाँटा जाता है-1. शास्त्रीय नृत्य 2. लोक एवं जनजातीय नृत्य।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य की 8 प्रमुख शैलियाँ हैं-1. कथक (उत्तर प्रदेश) 2. भरतनाट्यम (तमिलनाडु) 3. कथकली (केरल) 4. कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश) 5. मोहिनीअट्टम (केरल) 6. ओडिसी (ओडिशा) 7. मणिपुरी (मणिपुर) 8. सत्रीया नृत्य (असम)।