Correct Answer:
Option C - ऋग्वैदिक लोग प्राकृतिक शक्तियों का मानवीकरण कर उसकी पूजा करते थे। देवों की पूजा की प्रधान विधि थी–स्तुति पाठ करना एवं यज्ञ में बलि चढ़ाना। प्रारम्भ में आर्यों के प्रमुख देवता वरुण थे लेकिन ऋग्वेद के रचनाकाल तक इन्द्र सर्वप्रमुख देवता हो गये। इन्द्र युद्ध का देवता, दुर्गों को तोड़ने वाला (पुरन्दर) तथा वर्षा व चक्रवात के देवता माने जाते हैं। ऋग्वेद में इन्द्र के लिए 250 ऋचाओं की रचना की गई है।
C. ऋग्वैदिक लोग प्राकृतिक शक्तियों का मानवीकरण कर उसकी पूजा करते थे। देवों की पूजा की प्रधान विधि थी–स्तुति पाठ करना एवं यज्ञ में बलि चढ़ाना। प्रारम्भ में आर्यों के प्रमुख देवता वरुण थे लेकिन ऋग्वेद के रचनाकाल तक इन्द्र सर्वप्रमुख देवता हो गये। इन्द्र युद्ध का देवता, दुर्गों को तोड़ने वाला (पुरन्दर) तथा वर्षा व चक्रवात के देवता माने जाते हैं। ऋग्वेद में इन्द्र के लिए 250 ऋचाओं की रचना की गई है।