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  • A. महर्षिदयानन्दस्य
  • B. महर्षिव्यासस्य
  • C. महर्षि-अरविन्दस्य
  • D. महर्षिपतञ्जले:
Correct Answer: Option B - ``योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'' इति महर्षिव्यासस्य कथनम्। अर्थात् योग भी समाधि है और वह सार्वभौमचित्त का धर्म है। यह महर्षि व्यास का कथन है। योगदर्शन के प्रथम भाष्यकार व्यास है। उन्होंने योग शब्द का अर्थ समाधि कहते हैं। तद्यथा–`योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'।
B. ``योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'' इति महर्षिव्यासस्य कथनम्। अर्थात् योग भी समाधि है और वह सार्वभौमचित्त का धर्म है। यह महर्षि व्यास का कथन है। योगदर्शन के प्रथम भाष्यकार व्यास है। उन्होंने योग शब्द का अर्थ समाधि कहते हैं। तद्यथा–`योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'।

Explanations:

``योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'' इति महर्षिव्यासस्य कथनम्। अर्थात् योग भी समाधि है और वह सार्वभौमचित्त का धर्म है। यह महर्षि व्यास का कथन है। योगदर्शन के प्रथम भाष्यकार व्यास है। उन्होंने योग शब्द का अर्थ समाधि कहते हैं। तद्यथा–`योग: समाधि: स च सार्वभौमचित्तस्य धर्म:'।