Correct Answer:
Option C - `दुराशा' का संधि-विच्छेद `दु: + आशा' होगा। यह विसर्ग संधि है। विसर्ग के बाद स्वर/व्यंजन आने पर विसर्ग में जो विकार आता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे - नि: + आहार = निराहार, दु: + आशा = दुराशा, तप: + भूमि = तपोभूमि, मन: + योग = मनोयोग।
C. `दुराशा' का संधि-विच्छेद `दु: + आशा' होगा। यह विसर्ग संधि है। विसर्ग के बाद स्वर/व्यंजन आने पर विसर्ग में जो विकार आता है उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे - नि: + आहार = निराहार, दु: + आशा = दुराशा, तप: + भूमि = तपोभूमि, मन: + योग = मनोयोग।