Explanations:
यदि पूर्व पत्र के संदर्भ को दुबारा उद्धत करते हुए पुन: उसी सूचना को दोहराया जाता है तो यह पत्र ‘अनुस्मारक’ की श्रेणी में आता है। अनुस्मारक पत्र का उद्देश्य सम्बन्धित अधिकारी को किसी पूर्व पत्र का स्मरण कराना और उसमें लिखित मामले का महत्व दर्शाते हुए शीघ्र उत्तर माँगना होता है। अनुस्मारक पत्र प्राय: मूल पत्र लिखने के एक महीने बाद लिखा जाता है। दूसरा अनुस्मारक पहले अनुस्मारक के दस दिन बाद लिखा जाना चाहिए।