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Q: .
  • A. मिर्जा खुर्शेद
  • B. ओंकारनाथ
  • C. मिस्टर बी. मेहता
  • D. श्याम बिहारी
Correct Answer: Option B - ‘‘शराब का नशा उनके ऊपर सिंह की भांति झपटा और दबोच बैठा’’ - यह वाक्य ‘गोदान’ उपन्यास में ‘ओंकारनाथ’ के संदर्भ में कहा गया है। अन्य पात्रों के कथन निम्नवत् हैं- मिस्टर बी. मेहता - ‘‘स्त्रियाँ, स्त्रियाँ नहीं हैं वे देवी हैं, दिव्य है, वे पुरुष से बहुत श्रेष्ठ और ऊपर हैं।’’ मिर्जा खुर्शेद - ‘‘तुम्हारे पास कुछ रुपए हों तो दे दो। आज तीन दिन से बोतल खाली पड़ी है, जी बहुत बेचैन हो रहा है।’’
B. ‘‘शराब का नशा उनके ऊपर सिंह की भांति झपटा और दबोच बैठा’’ - यह वाक्य ‘गोदान’ उपन्यास में ‘ओंकारनाथ’ के संदर्भ में कहा गया है। अन्य पात्रों के कथन निम्नवत् हैं- मिस्टर बी. मेहता - ‘‘स्त्रियाँ, स्त्रियाँ नहीं हैं वे देवी हैं, दिव्य है, वे पुरुष से बहुत श्रेष्ठ और ऊपर हैं।’’ मिर्जा खुर्शेद - ‘‘तुम्हारे पास कुछ रुपए हों तो दे दो। आज तीन दिन से बोतल खाली पड़ी है, जी बहुत बेचैन हो रहा है।’’

Explanations:

‘‘शराब का नशा उनके ऊपर सिंह की भांति झपटा और दबोच बैठा’’ - यह वाक्य ‘गोदान’ उपन्यास में ‘ओंकारनाथ’ के संदर्भ में कहा गया है। अन्य पात्रों के कथन निम्नवत् हैं- मिस्टर बी. मेहता - ‘‘स्त्रियाँ, स्त्रियाँ नहीं हैं वे देवी हैं, दिव्य है, वे पुरुष से बहुत श्रेष्ठ और ऊपर हैं।’’ मिर्जा खुर्शेद - ‘‘तुम्हारे पास कुछ रुपए हों तो दे दो। आज तीन दिन से बोतल खाली पड़ी है, जी बहुत बेचैन हो रहा है।’’