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Q: .
  • A. केवल A,B, C
  • B. केवल B, C, D
  • C. केवल A, C, E
  • D. केवल C, D, E
Correct Answer: Option C - दी गई पंक्तियों में भक्तिकाल के कवियों द्वारा लिखित काव्य पंक्तियाँ निम्नवत् है - • ‘अँसुवन जल सीचिं-सीचिं, प्रेम बेलि बोई’ • ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौ गुंज की माल गरे पहिरौगी’ • ‘ताही छन उडुराज’ उदित रस-राज सहायक’ ‘अँसुवन जल सीचिं-सिचिं प्रेम बेलि बोई’ पंक्ति की कवयित्री मीरा बाई हैं, ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौं, गुंज की माल गरे पहिरौंगी’ पंक्ति कवि रसखान की है तथा ‘ताही छन उडुराज उदित रस-राज सहायक’ पंक्ति के कवि नंददास हैं। यह पंक्ति रासपंचाध्यायी से उद्धृत है। यह रोला छंद में रचित है। जबकि दी गई पंक्ति- ‘सघन वुंâजन छाया सुखद, सीतल मंद समीर’ पंक्ति बिहारी लाल की तथा ‘बड़े-बड़े नैनन सो आँसू भरि-भरि ढरि’ पंक्ति देव की है।
C. दी गई पंक्तियों में भक्तिकाल के कवियों द्वारा लिखित काव्य पंक्तियाँ निम्नवत् है - • ‘अँसुवन जल सीचिं-सीचिं, प्रेम बेलि बोई’ • ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौ गुंज की माल गरे पहिरौगी’ • ‘ताही छन उडुराज’ उदित रस-राज सहायक’ ‘अँसुवन जल सीचिं-सिचिं प्रेम बेलि बोई’ पंक्ति की कवयित्री मीरा बाई हैं, ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौं, गुंज की माल गरे पहिरौंगी’ पंक्ति कवि रसखान की है तथा ‘ताही छन उडुराज उदित रस-राज सहायक’ पंक्ति के कवि नंददास हैं। यह पंक्ति रासपंचाध्यायी से उद्धृत है। यह रोला छंद में रचित है। जबकि दी गई पंक्ति- ‘सघन वुंâजन छाया सुखद, सीतल मंद समीर’ पंक्ति बिहारी लाल की तथा ‘बड़े-बड़े नैनन सो आँसू भरि-भरि ढरि’ पंक्ति देव की है।

Explanations:

दी गई पंक्तियों में भक्तिकाल के कवियों द्वारा लिखित काव्य पंक्तियाँ निम्नवत् है - • ‘अँसुवन जल सीचिं-सीचिं, प्रेम बेलि बोई’ • ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौ गुंज की माल गरे पहिरौगी’ • ‘ताही छन उडुराज’ उदित रस-राज सहायक’ ‘अँसुवन जल सीचिं-सिचिं प्रेम बेलि बोई’ पंक्ति की कवयित्री मीरा बाई हैं, ‘मोर पंखा सिर ऊपर राखिहौं, गुंज की माल गरे पहिरौंगी’ पंक्ति कवि रसखान की है तथा ‘ताही छन उडुराज उदित रस-राज सहायक’ पंक्ति के कवि नंददास हैं। यह पंक्ति रासपंचाध्यायी से उद्धृत है। यह रोला छंद में रचित है। जबकि दी गई पंक्ति- ‘सघन वुंâजन छाया सुखद, सीतल मंद समीर’ पंक्ति बिहारी लाल की तथा ‘बड़े-बड़े नैनन सो आँसू भरि-भरि ढरि’ पंक्ति देव की है।