Correct Answer:
Option D - ‘जायसी में मृत्युबोध की त्रासद अन्तर्दृष्टि हैं’ पद्मावत का प्रतिपाद्य पद्मिनी का सती होना नहीं है।’ उक्त कथन बच्चन सिंह का है।
पद्मावत मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा रचित सूफी महाकाव्य है। यह दोहा और चौपाई छंद में लिखा गया है। इस महाकाव्य की भाषा ‘अवधी’ है।
• विजयदेव नारायण साही ने ‘पद्मावत’ को हिन्दी में अपने ढंग की अकेली ट्रेजिक कृति कहा है।
• आचार्य शुक्ल के अनुसार-‘पदमावत’ की कथा का पूर्वार्द्ध ‘कल्पित’ और उत्तरार्द्ध का ऐतिहासिक है।
जायसी के महत्वपूर्ण ग्रंथ- पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत।
D. ‘जायसी में मृत्युबोध की त्रासद अन्तर्दृष्टि हैं’ पद्मावत का प्रतिपाद्य पद्मिनी का सती होना नहीं है।’ उक्त कथन बच्चन सिंह का है।
पद्मावत मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा रचित सूफी महाकाव्य है। यह दोहा और चौपाई छंद में लिखा गया है। इस महाकाव्य की भाषा ‘अवधी’ है।
• विजयदेव नारायण साही ने ‘पद्मावत’ को हिन्दी में अपने ढंग की अकेली ट्रेजिक कृति कहा है।
• आचार्य शुक्ल के अनुसार-‘पदमावत’ की कथा का पूर्वार्द्ध ‘कल्पित’ और उत्तरार्द्ध का ऐतिहासिक है।
जायसी के महत्वपूर्ण ग्रंथ- पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा, कन्हावत।