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  • A. उषा और ईश्वर
  • B. बीज और अंकुर
  • C. प्रकृति और पुरुष
  • D. पुरुष और परिस्थिति
Correct Answer: Option A - शेखर द्वारा एक महीने परिश्रम के बाद पहली पुस्तक तैयार करने का प्रसंग ‘उषा और ईश्वर’ खण्ड में है। शेखर : एक जीवनी (1941) उपन्यास के लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। ‘शेखर एक जीवनी’ दो भागों में है। इसके प्रथम भाग के चार खण्ड हैं – (1) उषा और ईश्वर, (2) बीज और अंकुर, (3) प्रकृति और पुरुष, (4) पुरुष और परिस्थिति।
A. शेखर द्वारा एक महीने परिश्रम के बाद पहली पुस्तक तैयार करने का प्रसंग ‘उषा और ईश्वर’ खण्ड में है। शेखर : एक जीवनी (1941) उपन्यास के लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। ‘शेखर एक जीवनी’ दो भागों में है। इसके प्रथम भाग के चार खण्ड हैं – (1) उषा और ईश्वर, (2) बीज और अंकुर, (3) प्रकृति और पुरुष, (4) पुरुष और परिस्थिति।

Explanations:

शेखर द्वारा एक महीने परिश्रम के बाद पहली पुस्तक तैयार करने का प्रसंग ‘उषा और ईश्वर’ खण्ड में है। शेखर : एक जीवनी (1941) उपन्यास के लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। ‘शेखर एक जीवनी’ दो भागों में है। इसके प्रथम भाग के चार खण्ड हैं – (1) उषा और ईश्वर, (2) बीज और अंकुर, (3) प्रकृति और पुरुष, (4) पुरुष और परिस्थिति।