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Q: .
  • A. 1942
  • B. 1941
  • C. 1944
  • D. 1961
Correct Answer: Option B - ‘शेखर एक जीवनी’ मनोविश्लेषणवादी उपन्यासकार अज्ञेय का उपन्यास है। यह दो भागों में विभक्त है- इसका पहला भाग- 1941 में तथा दूसरा भाग 1944 में प्रकाशित हुआ था। ⇒ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय की प्रौढ़, एवं सशक्त रचना है। इस उपन्यास के नायक शेखर के व्यक्तित्व को उपन्यास का विजन बनाया गया है। इसके प्रथम भाग में शेखर के बाल, वय:सन्धि और किशोर मन का मनोवैज्ञानिक अंकन किया गया है। यह उपन्यास फ्लैश बैक शैली में लिखा गया। इस उपन्यास पर रोमा रोला की पुस्तक ‘ज्यां क्रिस्टॉक’ का प्रभाव माना जाता है। आलोचक इस उपन्यास को ‘प्रकाशमान पुच्छल तारा’ कहकर आलोचना करते है। शेखर: एक जीवनी उपन्यास के पात्र:- शेखर, सरस्वती, राशि, शारदा, शान्ति, रामेश्वर, बाबा मदन सिंह।
B. ‘शेखर एक जीवनी’ मनोविश्लेषणवादी उपन्यासकार अज्ञेय का उपन्यास है। यह दो भागों में विभक्त है- इसका पहला भाग- 1941 में तथा दूसरा भाग 1944 में प्रकाशित हुआ था। ⇒ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय की प्रौढ़, एवं सशक्त रचना है। इस उपन्यास के नायक शेखर के व्यक्तित्व को उपन्यास का विजन बनाया गया है। इसके प्रथम भाग में शेखर के बाल, वय:सन्धि और किशोर मन का मनोवैज्ञानिक अंकन किया गया है। यह उपन्यास फ्लैश बैक शैली में लिखा गया। इस उपन्यास पर रोमा रोला की पुस्तक ‘ज्यां क्रिस्टॉक’ का प्रभाव माना जाता है। आलोचक इस उपन्यास को ‘प्रकाशमान पुच्छल तारा’ कहकर आलोचना करते है। शेखर: एक जीवनी उपन्यास के पात्र:- शेखर, सरस्वती, राशि, शारदा, शान्ति, रामेश्वर, बाबा मदन सिंह।

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‘शेखर एक जीवनी’ मनोविश्लेषणवादी उपन्यासकार अज्ञेय का उपन्यास है। यह दो भागों में विभक्त है- इसका पहला भाग- 1941 में तथा दूसरा भाग 1944 में प्रकाशित हुआ था। ⇒ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय की प्रौढ़, एवं सशक्त रचना है। इस उपन्यास के नायक शेखर के व्यक्तित्व को उपन्यास का विजन बनाया गया है। इसके प्रथम भाग में शेखर के बाल, वय:सन्धि और किशोर मन का मनोवैज्ञानिक अंकन किया गया है। यह उपन्यास फ्लैश बैक शैली में लिखा गया। इस उपन्यास पर रोमा रोला की पुस्तक ‘ज्यां क्रिस्टॉक’ का प्रभाव माना जाता है। आलोचक इस उपन्यास को ‘प्रकाशमान पुच्छल तारा’ कहकर आलोचना करते है। शेखर: एक जीवनी उपन्यास के पात्र:- शेखर, सरस्वती, राशि, शारदा, शान्ति, रामेश्वर, बाबा मदन सिंह।