Correct Answer:
Option C - मर्मज्ञ आलोचक द्वारा रचना की पुनर्रचना से पाठक की रसानुभूति और सौन्दर्यानुभूति के परिष्करण के साथ उसका सर्जनात्मक विस्तार हो जाता है, इस प्रकार से पाठ लाभान्वित होता है।
C. मर्मज्ञ आलोचक द्वारा रचना की पुनर्रचना से पाठक की रसानुभूति और सौन्दर्यानुभूति के परिष्करण के साथ उसका सर्जनात्मक विस्तार हो जाता है, इस प्रकार से पाठ लाभान्वित होता है।