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  • A. पी + क्तवतु
  • B. पिब् + क्तत्वा
  • C. पा + क्त्वा
  • D. पी + क्तत्वा
Correct Answer: Option C - `पीत्वा' इत्यस्मिन् शब्दे `पा' धातु क्त्वा प्रत्यय:। पीत्वा इस पद में `पा' धातु `क्त्वा' प्रत्यय है। क्त्वा प्रत्यय सूत्र–``समानकर्तृकयो: पूर्वकाले''। • जब दो क्रियायें एक साथ हो रही हों और दोनों का कर्ता एक ही हो। • जो क्रिया पूर्वकाल की हो उसे अभिव्यक्त करने वाली धातु से क्त्वा प्रत्यय होता है। • पूर्वकालिक क्रियाएँ दो तीन आदि भी हो सकती है। क्त्वा का प्रयोग • क्त्वा में `क्' का लोप होकर त्वा शेष रहता है। • क्त्वा से पहले `इ' का प्रयोग होता है यदि अंतिम वर्ण में स्वर की मात्रा न हो। उदाहरण– दा + क्त्वा = दत्वा धा + क्त्वा = हित्वा लिख् + क्त्वा = लिखित्वा
C. `पीत्वा' इत्यस्मिन् शब्दे `पा' धातु क्त्वा प्रत्यय:। पीत्वा इस पद में `पा' धातु `क्त्वा' प्रत्यय है। क्त्वा प्रत्यय सूत्र–``समानकर्तृकयो: पूर्वकाले''। • जब दो क्रियायें एक साथ हो रही हों और दोनों का कर्ता एक ही हो। • जो क्रिया पूर्वकाल की हो उसे अभिव्यक्त करने वाली धातु से क्त्वा प्रत्यय होता है। • पूर्वकालिक क्रियाएँ दो तीन आदि भी हो सकती है। क्त्वा का प्रयोग • क्त्वा में `क्' का लोप होकर त्वा शेष रहता है। • क्त्वा से पहले `इ' का प्रयोग होता है यदि अंतिम वर्ण में स्वर की मात्रा न हो। उदाहरण– दा + क्त्वा = दत्वा धा + क्त्वा = हित्वा लिख् + क्त्वा = लिखित्वा

Explanations:

`पीत्वा' इत्यस्मिन् शब्दे `पा' धातु क्त्वा प्रत्यय:। पीत्वा इस पद में `पा' धातु `क्त्वा' प्रत्यय है। क्त्वा प्रत्यय सूत्र–``समानकर्तृकयो: पूर्वकाले''। • जब दो क्रियायें एक साथ हो रही हों और दोनों का कर्ता एक ही हो। • जो क्रिया पूर्वकाल की हो उसे अभिव्यक्त करने वाली धातु से क्त्वा प्रत्यय होता है। • पूर्वकालिक क्रियाएँ दो तीन आदि भी हो सकती है। क्त्वा का प्रयोग • क्त्वा में `क्' का लोप होकर त्वा शेष रहता है। • क्त्वा से पहले `इ' का प्रयोग होता है यदि अंतिम वर्ण में स्वर की मात्रा न हो। उदाहरण– दा + क्त्वा = दत्वा धा + क्त्वा = हित्वा लिख् + क्त्वा = लिखित्वा