Correct Answer:
Option B - संधि विच्छेद में यदि किसी वर्ग के ‘प्रथम वर्ण’ से परे कोई अनुनासिक वर्ण हो, तो संधि करते समय, प्रथम वर्ण के स्थान पर उसी वर्ग का अनुनासिक अर्थात् पंचम वर्ण हो जाएगा। जैसे यदि ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’,‘प्’ के बाद ‘न’ या ‘म’ आये, तो ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’,‘प्’ अपने वर्ग के पंचम वर्ण में बदल जाते हैं,जैसे- वाक्±मय• वाङ्मय
अप् +मय = अम्मय
B. संधि विच्छेद में यदि किसी वर्ग के ‘प्रथम वर्ण’ से परे कोई अनुनासिक वर्ण हो, तो संधि करते समय, प्रथम वर्ण के स्थान पर उसी वर्ग का अनुनासिक अर्थात् पंचम वर्ण हो जाएगा। जैसे यदि ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’,‘प्’ के बाद ‘न’ या ‘म’ आये, तो ‘क्’, ‘च्’, ‘ट्’, ‘त्’,‘प्’ अपने वर्ग के पंचम वर्ण में बदल जाते हैं,जैसे- वाक्±मय• वाङ्मय
अप् +मय = अम्मय