Correct Answer:
Option B - कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार नैतिक विकास तीन मुख्य स्तरों में होता है, पूर्व-प्रारंभिक, पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक। इसमें ६ चरण होते हैं-
1. पूर्व-पारंपरिक स्तर:- 1. आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास 2. व्यक्तिवाद और आदान-प्रदान
2. पारंपरिक स्तर:- 3. अच्छे अंतर्व्यक्तिगत संबंध
4. सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखना।
3. उत्तर-पारंपरिक स्तर:-
5. सामाजिक अंतर्व्यक्तिगत संबंध
6. विश्वव्यापी नैतिक सिद्धांत
अत: विकल्प (b) स्वकेंद्रित समाज केंद्रित अभिमुखता कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में नहीं आता है।
B. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार नैतिक विकास तीन मुख्य स्तरों में होता है, पूर्व-प्रारंभिक, पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक। इसमें ६ चरण होते हैं-
1. पूर्व-पारंपरिक स्तर:- 1. आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास 2. व्यक्तिवाद और आदान-प्रदान
2. पारंपरिक स्तर:- 3. अच्छे अंतर्व्यक्तिगत संबंध
4. सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखना।
3. उत्तर-पारंपरिक स्तर:-
5. सामाजिक अंतर्व्यक्तिगत संबंध
6. विश्वव्यापी नैतिक सिद्धांत
अत: विकल्प (b) स्वकेंद्रित समाज केंद्रित अभिमुखता कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में नहीं आता है।