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Q: .
  • A. अपना-अपना भाग्य
  • B. राही
  • C. ईदगाह
  • D. चंद्रदेव से मेरी बातें
Correct Answer: Option C - ‘इतने बड़े हो गए, अभी तक पढ़ने जाते हैं। न जाने कब तक पढ़ेंगे और क्या करेंगे इतना पढ़कर।’’ उपर्युक्त कथन ‘ईदगाह’ कहानी से लिया गया है। ‘ईदगाह’ कहानी के कहानीकार ‘प्रेमचंद’ हैं। इसका प्रकाशन वर्ष 1933 है। ईदगाह कहानी के प्रमुख पात्र - हामिद, अमीना, मोहसिन, सम्मी, नूरे तथा महमूद। प्रेमचंद ने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं जो ‘मानसरोवर’ शीर्षक से आठ भागों में प्रकाशित है। प्रेमचन्द को कहानी सम्राट कहा जाता है। प्रेमचन्द के अनुसार- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ दी गई अन्य रचनाएँ और उनके रचनाकार निम्नवत् हैं - रचनाएँ लेखक अपना अपना भाग्य - जैनेन्द्र राही - सुभद्रा कुमारी चौहान चन्द देव से मेरी बातें - राजेन्द्र बाला घोष ‘बंग महिला’
C. ‘इतने बड़े हो गए, अभी तक पढ़ने जाते हैं। न जाने कब तक पढ़ेंगे और क्या करेंगे इतना पढ़कर।’’ उपर्युक्त कथन ‘ईदगाह’ कहानी से लिया गया है। ‘ईदगाह’ कहानी के कहानीकार ‘प्रेमचंद’ हैं। इसका प्रकाशन वर्ष 1933 है। ईदगाह कहानी के प्रमुख पात्र - हामिद, अमीना, मोहसिन, सम्मी, नूरे तथा महमूद। प्रेमचंद ने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं जो ‘मानसरोवर’ शीर्षक से आठ भागों में प्रकाशित है। प्रेमचन्द को कहानी सम्राट कहा जाता है। प्रेमचन्द के अनुसार- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ दी गई अन्य रचनाएँ और उनके रचनाकार निम्नवत् हैं - रचनाएँ लेखक अपना अपना भाग्य - जैनेन्द्र राही - सुभद्रा कुमारी चौहान चन्द देव से मेरी बातें - राजेन्द्र बाला घोष ‘बंग महिला’

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‘इतने बड़े हो गए, अभी तक पढ़ने जाते हैं। न जाने कब तक पढ़ेंगे और क्या करेंगे इतना पढ़कर।’’ उपर्युक्त कथन ‘ईदगाह’ कहानी से लिया गया है। ‘ईदगाह’ कहानी के कहानीकार ‘प्रेमचंद’ हैं। इसका प्रकाशन वर्ष 1933 है। ईदगाह कहानी के प्रमुख पात्र - हामिद, अमीना, मोहसिन, सम्मी, नूरे तथा महमूद। प्रेमचंद ने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं जो ‘मानसरोवर’ शीर्षक से आठ भागों में प्रकाशित है। प्रेमचन्द को कहानी सम्राट कहा जाता है। प्रेमचन्द के अनुसार- ‘‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर होता है।’’ दी गई अन्य रचनाएँ और उनके रचनाकार निम्नवत् हैं - रचनाएँ लेखक अपना अपना भाग्य - जैनेन्द्र राही - सुभद्रा कुमारी चौहान चन्द देव से मेरी बातें - राजेन्द्र बाला घोष ‘बंग महिला’