Correct Answer:
Option B - ‘शुभेच्छा’ का संधि विच्छेद ‘शुभ + इच्छा’ होगा।
गुण स्वर संधि-जब संधि करते समय अ या आ के बाद इ या ई आए तो दोनों मिलकर ‘ए’ हो जाते हैं, अ या आ के बाद उ या ऊ आए तो दोनों मिलकर ‘ओ’ हो जाते हैं, और अ या आ के बाद ऋ आए तो दोनों मिलकर ‘अर्’ हो जाते हैं। उदाहरण-उमेश, महेंद्र, महर्षि आदि।
B. ‘शुभेच्छा’ का संधि विच्छेद ‘शुभ + इच्छा’ होगा।
गुण स्वर संधि-जब संधि करते समय अ या आ के बाद इ या ई आए तो दोनों मिलकर ‘ए’ हो जाते हैं, अ या आ के बाद उ या ऊ आए तो दोनों मिलकर ‘ओ’ हो जाते हैं, और अ या आ के बाद ऋ आए तो दोनों मिलकर ‘अर्’ हो जाते हैं। उदाहरण-उमेश, महेंद्र, महर्षि आदि।