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Q: .
  • A. सम् + भावना
  • B. सत् + भावना
  • C. स + द्भावना
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - ‘‘सद्भावना’’ का संधि-विच्छेद है- सत् + भावना। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। ‘यदि पूर्व पद के अंत में किसी वर्ग का प्रथमाक्षर हो तथा पर पद के आदि में किसी वर्ग का तृतीयाक्षर, चतुर्थाक्षर, पंचमाक्षर, स्वर या अन्त:स्थ वर्ण आए तो पूर्व पद का प्रथमाक्षर अपने ही वर्ग का तृतीयाक्षर हो जाता है।’ जैसे- सत् + भावना = सद्भावना। वाक् + ईशा = वागीशा।
B. ‘‘सद्भावना’’ का संधि-विच्छेद है- सत् + भावना। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। ‘यदि पूर्व पद के अंत में किसी वर्ग का प्रथमाक्षर हो तथा पर पद के आदि में किसी वर्ग का तृतीयाक्षर, चतुर्थाक्षर, पंचमाक्षर, स्वर या अन्त:स्थ वर्ण आए तो पूर्व पद का प्रथमाक्षर अपने ही वर्ग का तृतीयाक्षर हो जाता है।’ जैसे- सत् + भावना = सद्भावना। वाक् + ईशा = वागीशा।

Explanations:

‘‘सद्भावना’’ का संधि-विच्छेद है- सत् + भावना। यह व्यंजन सन्धि का उदाहरण है। ‘यदि पूर्व पद के अंत में किसी वर्ग का प्रथमाक्षर हो तथा पर पद के आदि में किसी वर्ग का तृतीयाक्षर, चतुर्थाक्षर, पंचमाक्षर, स्वर या अन्त:स्थ वर्ण आए तो पूर्व पद का प्रथमाक्षर अपने ही वर्ग का तृतीयाक्षर हो जाता है।’ जैसे- सत् + भावना = सद्भावना। वाक् + ईशा = वागीशा।