Correct Answer:
Option D - गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि त्याग के योग्य व्यक्तिव प्राप्त करने के लिए मनुष्य को जीवन-जगत और इसके जीवों के संबंध में असाधारण वैचारिक रचनात्मकता अपनाकर निरन्तर योग, ध्यान, तप व साधना करनी होगी।
D. गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि त्याग के योग्य व्यक्तिव प्राप्त करने के लिए मनुष्य को जीवन-जगत और इसके जीवों के संबंध में असाधारण वैचारिक रचनात्मकता अपनाकर निरन्तर योग, ध्यान, तप व साधना करनी होगी।