Correct Answer:
Option B - ‘सम्पादक के पचीस वर्ष - देवीदत्त शुक्ल’, ‘साठ वर्ष एक रेखांकन (1960) - सुमित्रानंदन पंत’, ‘मेरी अपनी कथा - पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी’ रचनाकार और आत्मकथाओं के मेल सही है।
⇒ मेरा जीवन (1985) शिवपूजन सहाय की आत्मकथा है।
⇒ प्रतिभा अग्रवाल की आत्मकथा-
भाग-1 दस्तक जिन्दगी की (1990)
भाग-2 मोड़ जिन्दगी का (1996)
B. ‘सम्पादक के पचीस वर्ष - देवीदत्त शुक्ल’, ‘साठ वर्ष एक रेखांकन (1960) - सुमित्रानंदन पंत’, ‘मेरी अपनी कथा - पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी’ रचनाकार और आत्मकथाओं के मेल सही है।
⇒ मेरा जीवन (1985) शिवपूजन सहाय की आत्मकथा है।
⇒ प्रतिभा अग्रवाल की आत्मकथा-
भाग-1 दस्तक जिन्दगी की (1990)
भाग-2 मोड़ जिन्दगी का (1996)